Date of Upload: 12th March, 2018

सवाल पूछने की तालीम

स्वतंत्रता के बाद जब बुनियादी शिक्षा का मसौदा तैयार हो रहा रहा था, तब गांधीजी ने कहा था –‘अगर मैं किसी कक्षा में जाकर यह सवाल पूछूँ कि मैनें एक सेब चार आने में खरीदे और उसे एक रुपये में बेच दिया तो मुझे क्या मिलेगा’ प्रश्न के जवाब में अगर पूरी कक्षा यह कह दे आपको जेल की सजा मिलेगी तो मानूंगा कि यह आज़ाद भारत के बच्चों के सोच के मुताबिक शिक्षा है, जब तक यह माहौल नहीं बनता कि देश का हर बच्चा सवाल उठाने का साहस कर सके. ऐसा ही साहस दिखाया द संस्कार वैली स्कूल  के बच्चों ने. मौका था 10 मार्च २०१८ की शाम मशहूर गीतकार इरशाद कामिल संग बच्चों की मुलाकात का. विद्यालय के चार होनहार जैसे चार दिशाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हों. बच्चों की इरशाद कामिल से बातचीत का ये सत्र संभावनाओं,समाधानों और साफगोई से भरा था जिसमें ज़िन्दगी को देखने और जीने का ईमानदार नजरिया भी शामिल था, आत्मविश्वास से दमकते इन बच्चों के चेहरे देखने से ऐसा ही प्रतीत हो रहा था।